shubham gadreNov 25, 20181 min readशायरीखामोशी से भरी, मेरी ये गुफ्तगू, कैसे तुझतक पोहची, खुदा जाने, तुम्हारे दिलकी किताब मैं, लिखा हुआ, मेरा किरदार क्या है, वो भी खुदा जाने। -...