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shubham gadre
Dec 5, 20181 min read
शायरी
दिल भी साला अजीब है, साथ है पर पास नही, और वक्त भी साला अजीब है, पास है पर साथ नही... - शुभम गद्रे

shubham gadre
Nov 25, 20181 min read
शायरी
यूं तो तुझे मिलनेसे परहेज मैं करता हूँ, डरता हूँ, कही तुझे दिल ना दे बैठू l मिलता हूँ, लेकिन बोलनेसे परहेज करता हूँ, डरता हूँ, खाली हात...

shubham gadre
Nov 25, 20181 min read
शब्द झाले बोलके...
भावना आसवांशी अनोळखीशा वागल्या, अन भावना शब्दांत माझ्या व्यक्त होऊ लागल्या.. आसवांच्या सरी गेल्या, कमी झाले मोल ते, मी निशब्द जाहलो अन,...

shubham gadre
Nov 25, 20181 min read
शायरी
खामोशी से भरी, मेरी ये गुफ्तगू, कैसे तुझतक पोहची, खुदा जाने, तुम्हारे दिलकी किताब मैं, लिखा हुआ, मेरा किरदार क्या है, वो भी खुदा जाने। -...
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